हाँ, स्पर्म काउंट कम होने के कुछ मामलों का इलाज और सुधार किया जा सकता है, लेकिन नतीजा असल वजह पर निर्भर करता है। स्ट्रेस, नींद की कमी, स्मोकिंग, शराब, मोटापा, न्यूट्रिशन की कमी, हार्मोनल प्रॉब्लम, इन्फेक्शन, वैरिकोसील और कुछ दवाएँ स्पर्म प्रोडक्शन पर असर डाल सकती हैं।
सबसे पहले सीमेन का अच्छी तरह से एनालिसिस ज़रूरी है। आपका डॉक्टर असल वजह का पता लगाने के लिए बार-बार सीमेन एनालिसिस और, अगर ज़रूरी हो, तो हार्मोनल या दूसरे टेस्ट करवाने की सलाह दे सकता है।
लाइफस्टाइल भी स्पर्म हेल्थ में ज़रूरी भूमिका निभाती है—बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, हेल्दी वज़न, पूरी नींद, स्मोकिंग और शराब से बचना, और ज़्यादा गर्मी से बचना, ये सभी मददगार हो सकते हैं।
अगर आपके सीमेन काउंट में लगातार स्पर्म काउंट कम दिख रहा है, तो आप पर्सनलाइज़्ड गाइडेंस के लिए अपनी रिपोर्ट और मेडिकल हिस्ट्री के साथ गौतम आयुर्वेद से सलाह ले सकते हैं। असल वजह का पता लगाना और इलाज का तरीका तय करना सबसे अच्छा है।